नमूदे जिंदगी का राज क्या है
मैं खुद क्या हूं, मेरी आवाज क्या है?
न तुम्हें पता है, न औरों को पता है। मगर वे और तुम्हें भी पता न होंनें देंगे।
फसूने नगमा क्या है, साज क्या है
जुनूने इश्क क्या है, नाज क्या है
यह प्रेम का पागलपन क्या है? यह प्रेम की मस्ती क्या है? यह तुम कहां सीखोगे? किसी मस्त के पास बैठो। किसी पियक्कड़ के पास बैठी।
ये रंगो बू, ये रैनाई, ये जल्वे
ये दिलकश सूरतो-अंदाज क्या है?
यह जो चारों तरफ सौंदर्य की अनंत वर्षा हो रही है, यह तुम्हें दिखाई नहीं पड़ती। किंन्हीं ऐसी आंखों के पास बैठो, जिन्हें यह दिखाई पड़ती है। किंन्हीं आंखों का सहारा लो।
कभी देखोगे उन आंखों से और सुनोगे उन कानों से तो तुम्हें पता चल जायेगा:
मैं खुद क्या हूं, मेरी आवाज क्या है
नमूदे जिंदगी का राज क्या है
फसूने नगमा क्या है, साज क्या
जुनूने इश्क क्या है, नाज क्या है
ये रंगो-बू, ये रैनाई, ये जल्वे
ये दिककश सूरतो-अंदाज क्या है
कहां तक हुस्न की फैली है वुसअत
न जाने इश्क की परवाज क्या है?
प्रेम कितने दूर तक उड़ सकता है, इसका भी तुम्हें कुछ पता नहीं। तुम तो पंख ही नहीं फड़फड़ाते। तो जो उड़ना जानता हो उसके पास जाओ।
जो आंखों में फिरे हर वक्त सूरत
जो गूंजे कान में आवाज क्या है
कहूं क्या दीदा-ओ-दिल दोनों हैरान
ये ऐजाजे हजूमे नाज क्या है?
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मैं खुद क्या हूं, मेरी आवाज क्या है?
न तुम्हें पता है, न औरों को पता है। मगर वे और तुम्हें भी पता न होंनें देंगे।
फसूने नगमा क्या है, साज क्या है
जुनूने इश्क क्या है, नाज क्या है
यह प्रेम का पागलपन क्या है? यह प्रेम की मस्ती क्या है? यह तुम कहां सीखोगे? किसी मस्त के पास बैठो। किसी पियक्कड़ के पास बैठी।
ये रंगो बू, ये रैनाई, ये जल्वे
ये दिलकश सूरतो-अंदाज क्या है?
यह जो चारों तरफ सौंदर्य की अनंत वर्षा हो रही है, यह तुम्हें दिखाई नहीं पड़ती। किंन्हीं ऐसी आंखों के पास बैठो, जिन्हें यह दिखाई पड़ती है। किंन्हीं आंखों का सहारा लो।
कभी देखोगे उन आंखों से और सुनोगे उन कानों से तो तुम्हें पता चल जायेगा:
मैं खुद क्या हूं, मेरी आवाज क्या है
नमूदे जिंदगी का राज क्या है
फसूने नगमा क्या है, साज क्या
जुनूने इश्क क्या है, नाज क्या है
ये रंगो-बू, ये रैनाई, ये जल्वे
ये दिककश सूरतो-अंदाज क्या है
कहां तक हुस्न की फैली है वुसअत
न जाने इश्क की परवाज क्या है?
प्रेम कितने दूर तक उड़ सकता है, इसका भी तुम्हें कुछ पता नहीं। तुम तो पंख ही नहीं फड़फड़ाते। तो जो उड़ना जानता हो उसके पास जाओ।
जो आंखों में फिरे हर वक्त सूरत
जो गूंजे कान में आवाज क्या है
कहूं क्या दीदा-ओ-दिल दोनों हैरान
ये ऐजाजे हजूमे नाज क्या है?
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